Friday, April 3, 2009

क्या करें इनका..

रिश्ते
अनगिनत
अनकहे
कुछ बूझे से
कुछ अ-बूझे से
रिश्ते होते ही ऐसे हैं।
कुछ रिश्ते ऐसे
जो न याद रह सकें
न भूलें जा सकें
जो न कैद हों सकें
न मुक्त कर सकें ,
ये जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है
वो भी ऐसा ही है ,,
आसमान पे रोज़ उगते चाँद की तरह
जो न मुट्ठी में आए
न आंखों से दूर जाए
हर अमावस पे सिमट जाए
हर पूनो पे उभर आए .
रिश्ते होते ही ऐसे हैं
जो न याद रह सकें......



16 comments:

  1. बहुत खूब लिखा है...
    "रिश्ते
    अनगिनत
    अनकहे
    कुछ बूझे से
    कुछ अ-बूझे से"

    रिश्ते....
    मुठी में सिमटी रेत की तरह....
    जो संभाले न बने...
    पल पल टूटते जुड़ते रिश्ते
    रिश्ते....

    अनसुने, अनकहे....
    बेनाम से रिश्ते.....
    नाम के रिश्ते...
    काम के रिश्ते...
    खून के रिश्ते...
    सुकून के रिश्ते....
    सच लिखती हो....
    समझ में न आ पाने वाले रिश्ते...

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  2. शुभकामनाएं इस सुन्दर ब्लॉग के लिए

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  3. bloging jagat me aapka swaagat hai.
    aage aur unnati ke liye meri shubhkaamnaye aapke saath hain.
    mera naam bhi shayad aapse milta julta hai.
    aapka lekh bahut acha hai. shubhkaamnaayen.

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  4. bahut khoob likhne ke andaaj ne bata diya hai ki jaldee hee blopgging mein ek aur rishtaa kaayam hone jaa raha hai . aap likhtee rahein.

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  5. Shayad ise padhane ke baad rishton ki ahmiyat ko samjhenge.Phir bhi main is comment ke madhyam se ek baat aapko batana chahunga....
    Mana ki aaj kal har chij mein milawat hai..
    Par rishton mein milawat to na karo..
    Navnit Nirav

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  6. रिश्ते मेरी समझ मे कभी नहीं आए.....
    याकि आ गए हैं और.....
    इसीलिए कह पा रहा हूु कि नहीं आए...

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  7. बहुत खूब लिखा है आपने....भाव भी बड़े गहरे हैं....आपको धन्यवाद....!!

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  8. ये जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है
    वो भी ऐसा ही है ,,
    आसमान पे रोज़ उगते चाँद की तरह
    जो न मुट्ठी में आए
    न आंखों से दूर जाए
    हर अमावस पे सिमट जाए
    हर पूनो पे उभर आए ...,
    भारती जी .. बहुत सही लिखा है आपने रिश्तों के बारे में ..,
    To love and to be loved is to feel the sun from both sides.
    मेरी सुभकामनाए स्वीकार करे .. और खूब लिखे .. मक्

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  9. rishte nate pyar vafa sab bate hai bato ka kya, narayan narayan

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  10. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  11. आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
    इस भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए परशंसा प्राप्त करे /amitjain

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  12. nice post ....mere blog par bhi swagat hai...


    Jai Ho mangalmay ho

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  13. are lalaji ka udhaar chuka diya kee nahin,
    yaa kavita hee likhtee rahogee.

    Kaksha VI ke bachcho ke liye bhi kabhi kuch likh diya karo.

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  14. bahut badiya likha hai apne,
    rishton ki akhani hi yahi hai,
    jitna paas jao utna hi satata hai ye,
    aur jitna door jao utna hi yaad ata hai ye.

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  15. you write very true! Nicely written.

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